उदयपुर। उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) और नगर निगम उदयपुर का बजट इसी महीने पेश होने की संभावना है। इसके लिए तैयारियां तेज हो गई हैं। यूडीए इस बार के बजट में एक और नई आवासीय योजना लाने की तैयारी कर रहा है। इसके साथ ही आगामी वित्तीय वर्ष में विकास कार्यों को लेकर भी प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं।
प्राधिकरण के बजट को लेकर इंजीनियरिंग विंग से विभिन्न विकास कार्यों के प्रस्ताव मांगे गए हैं। इनमें सड़कों और नालियों के निर्माण के साथ-साथ बड़े प्रोजेक्ट भी शामिल हैं। इन प्रस्तावों पर आयुक्त के साथ चर्चा के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार यूडीए कमिश्नर राहुल जैन नई आवासीय योजना को लेकर कार्ययोजना पर काम कर रहे हैं। यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा तो इस बजट में नई हाउसिंग स्कीम की घोषणा की जा सकती है।

दरअसल, पिछले कुछ महीनों में यूडीए ने साउथ एक्सटेंशन सेक्टर-ए (राजस्व ग्राम सवीना खेड़ा), उद्यम विहार (राजस्व ग्राम कलड़वास) और नान्देश्वर एन्क्लेव (राजस्व ग्राम नोहरा) में कुल 1109 भू-खण्डों की योजना शुरू की थी। इन योजनाओं के लिए करीब 43,361 आवेदन प्राप्त हुए थे। आवेदनों में मिले उत्साह को देखते हुए और सरकार की “सबको घर” नीति के तहत यूडीए एक और आवासीय योजना बजट में घोषित कर सकता है।
पेराफेरी के गांवों के विकास पर भी रहेगा फोकस
यूडीए के बजट में पेराफेरी के उन गांवों के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा सकता है, जो हाल ही में यूडीए क्षेत्र में शामिल हुए हैं। इनमें सड़क कनेक्टिविटी, सामुदायिक सुविधाओं और आधारभूत ढांचे के विकास के लिए बजट प्रावधान किया जा सकता है।
पिछला बजट 931.66 करोड़ रुपए का
यूडीए ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 931.66 करोड़ रुपए का बजट पेश किया था, जबकि इससे पहले 2024-25 में बजट 902.51 करोड़ रुपए का था। यूआईटी से यूडीए बनने के बाद यह पहला बजट था। आमतौर पर यूडीए अपने बजट का बड़ा हिस्सा सड़कों, ओवरब्रिज, सीवरेज, नालों के निर्माण और उनके नवीनीकरण पर खर्च करता है।
नगर निगम भी बजट की तैयारी में
उधर, नगर निगम उदयपुर ने भी अपने बजट को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। विभिन्न विभागों से प्रस्ताव लिए जा रहे हैं। हालांकि बजट पेश करने की तारीख अभी तय नहीं हुई है, लेकिन संभावना है कि इसी महीने के अंतिम सप्ताह में बजट पेश कर पारित किया जाएगा।
फिलहाल नहीं हैं जनप्रतिनिधि
नगर निगम का कार्यकाल समाप्त होने के बाद फिलहाल वहां मेयर और चुने हुए जनप्रतिनिधि नहीं हैं। ऐसे में प्रशासनिक व्यवस्था के तहत कलेक्टर को प्रशासक की जिम्मेदारी दी गई है। इसी तरह यूडीए में भी अभी तक चेयरमैन की राजनीतिक नियुक्ति नहीं हुई है और यह जिम्मेदारी फिलहाल संभागीय आयुक्त के पास है।





