ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर अब आम यात्रियों की जेब पर साफ नजर आने लगा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) महंगा हो गया है, जिसका सीधा असर हवाई किरायों पर पड़ा है।
15 मार्च से देश की प्रमुख एयरलाइंस—एयर इंडिया, इंडिगो और अकासा एयर—ने अपने किरायों में भारी बढ़ोतरी कर दी है। इसका सबसे ज्यादा असर उदयपुर के डबोक एयरपोर्ट से यात्रा करने वाले यात्रियों पर देखने को मिल रहा है। सबसे ज्यादा महंगाई मुंबई रूट पर दर्ज की गई है। पहले जहां उदयपुर से मुंबई का टिकट करीब 4200 रुपए में मिल जाता था, वहीं अब इसकी कीमत बढ़कर लगभग 5800 रुपए हो गई है, यानी करीब 38% का उछाल। इधर 30 मार्च से लागू हो रहे समर शेड्यूल ने यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। दिल्ली रूट पर अब रोजाना 6 के बजाय सिर्फ 4 फ्लाइट्स ही उपलब्ध होंगी, जिससे कनेक्टिविटी प्रभावित होगी और टिकट मिलना भी मुश्किल हो सकता है।
📊 प्रमुख रूट्स पर किराया बढ़ोतरी
-
उदयपुर–दिल्ली: 4500 रुपए से बढ़कर 6200 रुपए (करीब 37% बढ़ोतरी)
-
उदयपुर–मुंबई: 4200 रुपए से बढ़कर 5800 रुपए (करीब 38% बढ़ोतरी)
-
उदयपुर–जयपुर: 3200 रुपए से बढ़कर 4000 रुपए (करीब 25% बढ़ोतरी)
इस बढ़ोतरी ने आम लोगों के यात्रा बजट को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। ट्रैवल एजेंट्स के मुताबिक, समर वेकेशन की प्लानिंग कर रहे कई परिवार अब अपनी बुकिंग्स को टालने या कैंसिल करने पर विचार कर रहे हैं।
✈️ फ्लाइट्स घटीं, पुणे के लिए फिर झटका
महंगे किरायों के साथ फ्लाइट्स की संख्या में कमी ने यात्रियों की चिंता और बढ़ा दी है। लंबे समय से मांग के बावजूद इस बार भी उदयपुर-पुणे के बीच डायरेक्ट फ्लाइट शुरू नहीं हो पाई है, जिससे यात्रियों में निराशा बनी हुई है।

हालांकि, एक राहत भरी खबर भी सामने आई है। केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने लोकसभा में जानकारी दी कि केंद्र सरकार उदयपुर को अहमदाबाद और भोपाल जैसे शहरों से जोड़ने के प्रयास कर रही है।क्षेत्रीय संपर्क योजना के तहत इन रूट्स पर किफायती उड़ानों को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय सहायता (VGF) भी दी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ये नई उड़ानें शुरू होती हैं, तो पर्यटन और व्यापार को बड़ा फायदा मिलेगा।





