उदयपुर। प्रदेश की भजनलाल सरकार की ओर से होने वाली सफाईकर्मियों की भर्ती में वाल्मिकी समाज के लोगों को वरियता देने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हडताल कर रहे सफाई कर्मचारियों के काम पर नहीं लौटने से शहर के हालात दिनो—दिन बिगड़ते जा रहे हैं। शहर के प्रमुख मार्गो सहित अंदरूनी इलाकों में कचरे के ढ़ेर जमा हो गए हैं।

इसके अलावा कई जगहों पर कचरा फैलने की वजह से आसपास रहने वाले लोगों भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं। सफाई कर्मचारियों की इस हडताल में सभी के एक साथ शामिल होने से शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो गई हैं। इधर गुरूवार को सफाई कर्मचारियों ने एक बार फिर अपनी मांग पत्र को सरकार तक पहुंचाने के लिए नगर निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपा। हडताल शुरू होने के बाद से शहर के कचरा स्टेंड से कचरा नहीं हटाया गया है जो कि धीरे—धीरे बढ़ रहा हैं ऐसे में लेकसिटी अब कचरा सिटी में तबदील होती जा रही हैं।
सफाई कर्मचारियों का आह्वान, मांगे पूरी नहीं होने तक पीछे नहीं हटेंगे
शहर में सफाई कर्मचारियों की चल रही हडताल कब खत्म होगी, यह किसी को नहीं पता हैं। राज्य सरकार की ओर से अभी तक सफाई कर्मचारियों की मांगो पर ध्यान नहीं दे रही है तो अखिल सफाई कर्मचारी कांग्रेस के बैनर तले सम्पूर्ण कार्य बहिष्कार करते हुए अनिश्चितकालीन हडताल पर उतरे सफाई कर्मचारी भी अपनी मांगो को लेकर अडिग हैं। उनका कहना है कि सफाई कर्मचारियों की मांगे जायज है लेकिन सरकार टस से मस होने को तैयार नहीं हैं। इससे पूरे प्रदेश के सभी शहरों में हालात खराब होते जा रहे है लेकिन अपने हक के लिए बोलना उनका अधिकार हैं।
सफाई कर्मचारी के पद पर अन्य समाज के लोगों की नहीं हो भर्ती
सफाई कर्मचारियों की मुख्य मांग है कि इस भर्ती में वाल्मिकी समाज के लोगों को प्राथमिकता दी जाए। ऐसे लोगों की भर्ती नहीं होनी चाहिए जो कि भर्ती होने के बाद सफाई का कार्य नहीं करते है और उसके बाद अधिकारियों की मिलीभगत से आफिसों में कार्य करते हैं। नगर निगम में दो दर्जन से अधिक ऐसे सफाई कर्मचारी है जो सफाइ का कार्य नहीं करते है ओर उन्हे निगम के आफिस में लगा रखा हैं।
One Response
जिसका जॉज काम है उसको वही काम करने देना चाहिए । सरकारी नौकरी में भी आरक्षण को खत्म कर देना चाहिए ।