उदयपुर। शहर के समीप कानपुर गांव के मुख्य चौक हाटा श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर पर हुए लामबंद की सर्व समाज की बैठक हुई। बैठक में कानपुर गांव के सर्व समाज के सभी समाज जन, प्रबुद्धजन, महानुभाव, युवजन व्यापारियों द्वारा नगर निगम के विस्तार को लेकर कई महीनो से गांव के युवा छात्र-छात्राएं किसान व मजदूर पशुपालक दुध उत्पादक सभी सभी में आक्रोश व्याप्त है बैठक में ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि कानपुर की भौगोलिक सांस्कृतिक वनस्पति और पारिस्थितिक विकास की विरासत को बचाने के लिए विरोध स्वरूप आपत्तियों पर आपत्तियां दर्ज करवा चुके हैं! व कई बार धरना प्रदर्शन ज्ञापन तक दे चुके हैं! परंतु अभी तक प्रशासन ने हमारी एक नहीं सुनी है! व प्रशासन व सरकार परिसीमन की तैयारी पर तैयारी कर रहा है!

प्रशासन व सरकार तक अपनी गांव की पीड़ा को पहुंचाने के लिए वृद्ध स्तर पर आंदोलन की रूपरेखा तैयारी के साथ ही गांव कानपुर के व्यापारियों ने लगभग 400 से भी अधिक दुकानें व प्रतिष्ठान स्वयं की स्वेच्छा से सोमवार को आक्रोश स्वरूप बंद रखने का समर्थन दिया है! ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से निर्णय करते हुए प्रस्ताव लिया है कि बड़ी संख्या में सोमवार को जिला कलेक्टर महोदय को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया जाएगा।
बैठक में पूर्व उप सरपंच मदनलाल डांगी, नारायण लाल डांगी, सुरेश शेरावत, लोकेश पटेल, समाजसेवी शांतिलाल डांगी भेरुलाल डांगी, गणेश लाल मेनारिया दूधवाला, ओंकार लाल मेनारिया सहित महेंद्र जैन गुंजन सुथार गोपाल पटेल धोरा वाला मीठालाल पिपलिया वाला आदि ने बैठक को संबोधित किया। कानपुर के पूर्व उप सरपंच मदनलाल डांगी ने बताया कि नगर निगम के परिसीमन के विरोध में ग्रामीण कई दिनों से विभिन्न प्रकार से ज्ञापन प्रदर्शन व विरोध जता रहे थे लेकिन प्रशासन ने नहीं सुनी इसके विरोध स्वरूप गांव के सर्व समाज की बैठक रखी गई बैठक में निर्णय लिया गया है कि कानपुर के 400 से अधिक दुकानें व प्रतिष्ठान सोमवार को व्यापारियों द्वारा स्वेच्छा से बंद आह्वान किया गया है वही बड़ी संख्या में ग्रामीण सोमवार को जिला कलेक्ट्री पहुंचकर जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देंगे।