उदयपुर। उदयपुर व बांसवाडा संभाग में पिछले दो दिनों से हो रही बारिश से कई जिले तर—बतर हो गए हैं। सबसे ज्यादा प्रतापगढ़ जिले के पीपलखूंट में 11 इंच बारिश दर्ज की गई तो वहीं सबसे कम उदयपुर जिले के आदिवासी अंचल में हुई हैं। पिछले 24 घंटो में हुई बारिश के बाद मौसम विभाग की ओर से जारी आंकड़ो के अनुसार प्रतापगढ़ जिल के पीपलखूंट में हुई 11 इंच बारिश के बाद जनजीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो गया हैं। इसके अलावा प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय पर साढ़े पांच इंच, सुहागपुरा में साढे चार इंच व जाखम डेम पर तीन इंच बारिश हुई।

बांसवाडा जिले में सर्वाधिक आठ इंच बारिश मुख्यालय पर हुई, इससे शहर में कई जगहों पर पानी भर गया इससे लोगों को आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। मुख्यालय के साथ ही भूंगडा में 8 इंच व बागीदौरा में साढ़े पांच इंच बारिश दर्ज की गई। इस वर्ष बांसवाडा में भी अभी तक औसतन बारिश से कम बारिश होने से लोगों को चिंता सताए जा रही थी लेकिन अब हो रही बारिश से उदयपुर—बांसवाडा मार्ग पर बड़लिया के समीप बने पुल पर पानी आने से मार्ग अवरूद्ध हो गया हैं। उदयपुर ऐसे में लोग आने जाने के लिए वैकल्पिक मार्ग का उपयोग कर रहे हैं। वहीं डूंगरपुर के साबला में 4 इंच, गलियाकोट और सागवाड़ा में तीन—तीन इंच बारिश दर्ज की गई।
इधर उदयपुर संभाग के भीलवाडा जिले में सबसे ज्यादा करेडा में साढे पांच इंच बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा कारोहीकला में चार इंच, आसींद व गंगापुर में तीन—तीन इंच बारिश दर्ज की गई। चित्तौडगढ़ जिले के गंभीरी डेम में चार इंच, निम्बाहेडा में चार इंच, बस्सी में साढे तीन इंच, कपासन में साढे तीन इंच व बडी सादडी और भोपाल सागर में तीन—तीन इंच बारिश दर्ज की गई।
One Response
A large no of Hotels and resorts are being constructed by damaging the Aravali Hills , Catchment areas, In and Around the lakes with full support of Politicians and Administration. It is causing extensive damage to Flora and Fauna and beauty of the Aravali.
The Big Hotels are dumping their waste in the forests, lakes and astride the roads. Which is a serious health hazard.
The use of Loud Speakers in Places of Worship is a serious health hazard. Needs to dealt with like it is being done in UP.