– जब स्कूल में थी छुट्टी को बच्ची के परिजनों को क्यों नहीं भेजा मैसेज
– छुट्टी के दिन केवल जिम ट्रेनर ही आया, दूसरे शिक्षक क्यों नहीं आए
– खंडन नोट में यह नहीं बताया कि आलोक स्कूल प्रबंधन इस बच्ची की काउंसलिंग कहां पर करवाएगा
उदयपुर। आलोक स्कूल में एक 13 साल की बच्ची से दुष्कर्म हो गया। मामला सामने आने के बाद अब स्कूल प्रबंधन कह रहा है कि दुष्कर्मी हमारा स्थाई कर्मचारी नही है और निशुल्क सेवाएं देता है। इतनी बड़ी घटना के बाद स्कूल प्रबंधन अपनी साख बचाने का प्रयास कर रहा है। आलोक स्कूल यह नहीं कह रहा है कि भविष्य में इस तरह की घटना ना हो इसके लिए वह क्या करेगा।

जानकारी के अनुसार फतहपुरा स्थित आलोक स्कूल में एक 13 वर्षीय छात्रा के साथ आरोपी जिम इंस्ट्रक्टर स्कूल में ही प्रशिक्षण देता था। जब स्कूल में अवकाश घोषित था, छात्रा को अवकाश की जानकारी नहीं होने से वह स्कूल गई, जहां उसे अकेला पाकर स्कूल में जिम ट्रेनर ने उसके साथ हैवानियत की। घबरायी बच्ची ने घर आकर परिजनों को उसके साथ घटित हुई घटना बतायी, जिस पर परिजनों ने अंबामाता थाने में स्कूल के जिम ट्रेनर प्रदीप सिंह झाला के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवायी है। इस घटना के बाद पुलिस ने जिम ट्रेलर के घर पर दबिश दी तो वह फरार हो गया।
इस पूरे घटनाक्रम पर स्कूल प्रबंधन की ओर से जारी किया खंडन पत्र शहर में चर्चा और शर्म का विषय बना हुआ है। शर्म इसलिए क्योंकि इतनी बड़ी घटना के बाद भी स्कूल प्रबंधन अपनी साख बचाने में लगा है और कह रहा है कि वह उनका अस्थाई कर्मचारी था और फ्री में सेवांए देता था, जबकि उस मासूम के साथ क्यो बीत रही होगी। मात्र 13 साल की आयु में उसे दर्द और जख्म मिला है वह उसे जीवन भर नहीं भुला पाएगी।
अब सवाल यह है कि जब स्कूल में छुट्टी थी तो बच्ची के परिजनो को मैसेज क्यों नहीं किया। यदि बच्ची भूलवश स्कूल चली भी गई तो वहां पर अकेला जिम ट्रेनर ही क्यों था, दूसरे अन्य अध्यापक क्यों नहीं थे। सबसे बड़ी बात यह है कि स्कूल प्रबंधन यह नहीं बता रहा है कि अब वह बच्चियों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाएगा। आलोक स्कूल इस खंडन नोट में यह नहीं बता रहा है कि आखिरकार वह इस बच्ची के इस दर्द में राहत कैसे देगा, उसकी काउंसलिंग करवाएगा या नहीं। मात्र एक खंडन नोट जारी कर स्कूल प्रबंधन अपनी जिम्मेदारी से बच रहा है पर शहर के जागरूक लोग स्कूल प्रबंधन को अपनी जिम्मेदारी से भागने नहीं देंगे।